सीरिया पर इजरायल का हमला : बैकग्राउंड में अचानक हुआ धमाका...लाइव शो छोड़कर भागी एंकर

सीरिया पर इजरायल का हमला : बैकग्राउंड में अचानक हुआ धमाका...लाइव शो छोड़कर भागी एंकर

सीरिया की राजधानी दमिश्क एक बार फिर जंग के साए में घिर गई । इजरायल की ओर से किए गए हवाई हमले के बाद पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई । हमले के वक्त स्थानीय टीवी चैनल पर एक लाइव शो चल रहा था । इसी दौरान जब अचानक जोरदार धमाका हुआ तो एंकर को शो बीच में ही छोड़कर जान बचाकर भागना पड़ा । यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया । 

इसका वायरल वीडियो डराने वाला है । इसमें न्यूज एंकर खौफ को स्पष्ट रुप से देखा जा सकता है । दरअसल जब एंकर न्‍यूज पढ़ रही थी तो उसी समय बैकग्राउंड में एक धमाका होता हुआ नजर आता है ।  इसके बाद न्‍यूज एंकर अपनी सीट से कूदकर बदहवासी में भागती नजर आती है । 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को इजरायली हमले में दमिश्क के केंद्र में स्थित रक्षा मंत्रालय की इमारत को निशाना बनाया गया । यह लगातार तीसरा दिन है जब इजरायल ने सीरिया पर हमला किया ।  

इजरायल की सख्त चेतावनी

इजरायल का ये हमला अचानक नहीं था । सोमवार को सीरियाई सरकार ने स्वेइदा शहर में अपनी सेना भेजी थी, ताकि ड्रूज़ लड़ाकों और बेदुईन कबीलों के हथियारबंद लोगों के बीच हो रही लड़ाई को रोका जा सके ।  लेकिन बाद में सीरियाई सेना की खुद ड्रूज़ लड़ाकों से भिड़ंत हो गई । इनके बीच अब भी टकराव जारी है ।

रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायली सेना तब तक कार्रवाई करती रहेगी, जब तक सीरियाई सेना वहां से पीछे नहीं हट जाती ।  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि, "हम दक्षिण-पश्चिमी सीरिया को अपनी सीमा के पास एक असैन्य क्षेत्र बनाए रखना चाहते हैं। और स्थानीय ड्रूज़ नागरिकों की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।"

कई ड्रूज़ नेताओं और धार्मिक प्रतिनिधियों ने भी सीरियाई सरकार पर ‘बर्बरता’ का आरोप लगाया है। बता दें कि इजरायल में करीब डेढ़ लाख ड्रूज़ नागरिक रहते हैं, जो अपनी सेना से मांग कर रहे हैं कि वो सीरिया में ड्रूज़ लोगों की हिफाजत करे ।  

हिंसा के पीछे कुछ गैरकानूनी गिरोह - सीरिया

सीरियाई सरकार ने अपने बयान में कहा कि इलाके में फैल रही हिंसा के पीछे कुछ ‘गैरकानूनी गिरोह’ हैं। सरकारी सेना की मौजूदगी का उद्देश्य सिर्फ शांति स्थापित करना है, न कि किसी खास समुदाय को निशाना बनाना। हालांकि ज़मीनी हालात इससे बिल्कुल उलट नज़र आ रहे हैं।